आसनसोल : आसनसोल मे स्थिति लगभग सामान्य हो गई है। डॉ. बीसी राय रोड,
श्रीनगर, गोसाई डंगाल आमबगान, महुआ डंगाल, रामकिशुन डंगाल पश्चिम पाड़ा, चांदमारी में तबाही का मंजर दिखता है। हिंसा के दौरान इलाके में हुई बमबाजी, तोड़फोड़, लूट व आगजनी का नजारा देखते हि अब भी रूह कांपती है। कुछ लोगो ने मजबूरन आमबगान शिव मंदिर और तपसी बाबा मोड़ के पास निर्माणाधीन बीपीएल आवास मे डेरा डाल रखा है। वही के प्रमोद पांडे ने कहा कि उपद्रवियों ने जमकर पत्थर व गोली चलाई और दर्जनों घरों को लूट लिया। आमबगान कि लक्ष्मी देवी (65)अपने घर से थोड़ी दूरी पर शिव-दुर्गा मंदिर में रह रही है। कहना हैं कि उपद्रवियों ने हमारी घरों को लूट लिया। घर जाने जाने पर डर हैं, आशारानी दास ने कहा घर अब बचा कहा उसे तो आग लगा दिया गया।
रिना और बबिता पूरे परिवार के साथ शरण लिए हुए हैं। तपसी बाबा स्थित निर्माणाधीन मकान में रहने वाले दिलीप, सरवन पंडित, सुशिला देवी संगिता देवी कहतीं है कि यही ठीक है, घर जाने से डर लगता है। हमारे घरों को उनलोगों ने लूट लिया, जला दिया।
आमबगान मंदिर में शरण लिए हुए लोगों के लिये एनएस रोड काली मंदिर कमेटी की ओर से खाना भेजने वालो मे सोनू चौहान, सोनू साव, मनीष शर्मा, पवन बरनवाल आदि मदद कर रहें है। ईन लोगो ने बताया कि लोगों मदद पहुंचाने में भी विपक्षी गुट के लोगों ने रोका तो दूसरे रास्ता से जाना पड़ा।
आमबगान जहां घरों को लूटा एवं आग लगा दिया गया। जो बच गए उनमें अब अराजक तत्व घरो कि लाईट काट कर लूट की घटना को अंजाम दे रहें है।
भाजपा जिलाध्यक्ष लखन घोरूई ने केंद्रीय कमेटी को आसनसोल व रानीगंज हिंसा पर रिपोर्ट सौंपी है।
धारा 144 और हिंसा भड़कने की संभावना जताकर हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन ने कांग्रेस व माकपा की टीम को नहीं घुसने दिया था। कोलकाता से आई भाजपा की केंद्रीय
टीम के सदस्यों को बख्तारनगर व नींघा के पास प्रशासन ने धारा 144 का हवाला देते हुए रोकना चाहा तर्क वितर्क के बाद जिला प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि आप काफिले के साथ न जाएं केवल चार सदस्य ही जाएं।
तो क्या भाजपा केंद्रीय टीम पर क्या धारा 144 तोड़ने की कार्रवाई होगी?
यह सवाल आसनसोल में खासतौर से चर्चा में रहा। आसनसोल के एसडीओ प्रलय रायचौधरी ने बताया कि उप दंडाधिकारी सायंतन बसु ने कालीपहाड़ी मे टीम के सदस्यों को धारा 144 लागू होने की जानकारी दी थी। उप दंडाधिकारी की रिपोर्ट का इंतजार के बाद अगली कार्रवाई होगी। पुलिस आयुक्त एलएन मीणा ने कहा कि पुलिस कानून के अपना काम करेगी।
ज्ञात हो कि सामुदायिक हिंसा का दौरा करने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव ओम माथुर, शहनवाज हुसैन, डीपी राम एवं रूपा गांगुली समेत चार लोग हिंसा प्रभावितों का दर्द सुनने पहुंचे।
आसनसोल रेलपार के रामकिशुन डंगाल में केंद्रीय टीम के तीन सदस्य चले गए। जबकि सांसद रूपा गांगुली रामकिशुन डंगाल के पश्चिम पाड़ा होते हुए सबसे अधिक प्रभावित आमबगान ओर बढ़ती गई, जहाँ लोगो ने आपबीती सूनाई।
आमबगान में घर जलने के बाद बेघर हुई संगीता कुमारी ने कहा बमबाजी के बाद बूढ़े माता-पिता के साथ घर छोड़कर चले जाने के बाद में उपद्रवीयो ने घर जला दिया। ईसके अलावा आम बगान की बबीता देवी, अनिल यादव ने भी घर जलाने की शिकायत की।
आसनसोल के रामकिशुन डंगाल, पश्चिम पाड़ा व आमबगान के लोगों से बातचीत कर उन्हें आश्वासन देने के बाद रूपा कोलकाता को निकल गई। रूपा ने कहा कि मैं यहां की पूरी स्थिति कि रिपोर्ट प्रधानमंत्री जी एवं अमित भाई (राष्ट्रीय अध्यक्ष) को दूंगी। ताकि लोगों की मदद की जा सकें। उन्होंने कहा कि उपद्रवी पिड़ितो की जमीन हड़पना चाहते है। यहां का हालात नियंत्रण करने एवं मदद करने में पुलिस असफल है कहा कि केंद्र सरकार, केंद्रीय बल भेजने को तैयार है लेकिन,बंगाल सरकार लेना नहीं चाहती। केंद्र सरकार से जो मदद भेजी जाएगी वह ममता बनर्जी के माध्यम से ही आएगी। ऐसे में लोगों को कितना लाभ मिलेगा आपको पता है?
ओम माथुर ने कहा कि यहां तो आपातकाल जैसे हालात हैं।ना तो उनको वापस घर भेजा जा सका और ना उनके रहने और खाने का इंतजाम नहीं किया गया साजिश के तहत हिंसा फैलाई गई। सबसे पहले यहां शांति बहाली करवाए फिर पूरे मामले की राज्य सरकार जांच करवाकर दोषियों पर कार्रवाई करे। और राज्य सरकार ने पीडि़तों की कोई मदद नहीं की। वे केंद्रीय नेतृत्व को यहां की स्थिति की रिपोर्ट देंगे।
शाहनवाज हुसैन ने कहा कि हम लोग यहां माहौल खराब करने नही बल्कि लोगों का दर्द समझने और मरहम लगाने आए हैं। दुखी परिवारों का हौसला बढ़ाने आए हैं। उन्होंने कहा मामले कि निश्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्यवाही होनी चाहिए। प्रशासन के अपनी जिम्मेदारी पूरी नही करने कि वजह से हिंसा प्रभावित इलाकों में पहुंची केंद्रीय टीम।
केंद्रीय टीम के सदस्यों ने बाईपास न्यू कॉलोनी में शरणार्थी शिविर का जायजा लिया।
प्रशासन ने मोर्चा संभाल सुरक्षा का भरोसा देकर लोगों को उनके घर रवाना कर रही है।नगरनिगम ने क्षतिपूर्ति का आश्वासन दिया है। ह शरणार्थी शिविर में रहनेवाली पिंकीरानी देवी ने कहा हमारा घर तो तबाह हो गया। कहां रहेंगे। और रहने की व्यवस्था कि प्रशासन से मांग कि।
उर्मिला देवी ने कहा सारे लोग मदद के नाम पर
केवल राजनीति कर रहे हैं। गोसाई डंगाल निवासी सखि देवी और इंदू देवी आशा ने कहा कि हम कहां जाएं।
पुलिस आयुक्त लक्ष्मी नारायण मीणा ने कहा कि पुलिस मुसतैदी से अपनी सुरक्षा मे पलायन लोगों का घर वापसी एवं सुरक्षा का पूरा ध्यान रख रही है। हालांकि कुछ प्रभावित परिवारों को गुमराह कर उनकी घर वापसी में बाधा दी जा रही है।
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष असंगठित सेल पवन कुमार सिंह ने लोगों को आश्वासन दिया और कहा कि प्रभावित लोगों की दुकान और घरों की सूची बनाकर महामहिम राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी को सौंप कर और पुनर्वासन की व्यवस्था और मुआवजा कि मांग करेंगे।
सामाजिक संस्था ने रेलपार का दौरा और शांति एवं भाईचारा बनाए रखने का अपील की।
रानीगंज के पंजाबी मोड़ स्थित रामबागान के ज्योति सिंह की अगुवाई मे लोगों द्वारा सांप्रदायिक एकता की मिसाल दिखी । यहां के लोग मिलकर एक-दूसरे की दुकानों की हिफाजत करते दिखे । 26 मार्च2018 को रानीगंज सांप्रदायिक हिंसा फैला था। तब रामबागान में दो संप्रदाय के लोगों ने मिलकर निर्णय लिया कि वे एक-दूसरे की रक्षा करेंगे।
प्रतिदिन दुकानों की पहरेदारी की गई। यहाँ हिंदुओं कि 100 तथा मुस्लिमों की 40 दुकानें दोनों संप्रदाय के लोग मिलकर पहरेदारी कर रहे है।
पश्चिम बंगाल में रामनवमी के मुद्दे पर बीजेपी और टीएमसी एक दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। बीजेपी ने आरोप लगाया था कि ममता बनर्जी सरकार हिंदू समाज के रिवाजों पर हमला कर रही है। लेकिन ममता बनर्जी ने जवाब मे कहा कि क्या राम ने कहा क्या हथियारों के साथ ही रैली निकालना है। कुछ गुंडे राम के नाम पर माहौल को खराब कर रहे हैं। ममता बनर्जी ने बीजेपी और आरएसएस पर साधा निशाना सिधे तौर पर पुछा कि क्या आप ने राम को बंदूक के साथ देखा ? पहले पुरुलिया और बर्धमान में हिंसा के बाद उन्होंने कहा कि गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं चलेगी। पश्चिम बंगाल मे रामनवमी के दिन नए संगठन द्वारा रैली निकालने पर रोक लगाई थी।
श्रीनगर, गोसाई डंगाल आमबगान, महुआ डंगाल, रामकिशुन डंगाल पश्चिम पाड़ा, चांदमारी में तबाही का मंजर दिखता है। हिंसा के दौरान इलाके में हुई बमबाजी, तोड़फोड़, लूट व आगजनी का नजारा देखते हि अब भी रूह कांपती है। कुछ लोगो ने मजबूरन आमबगान शिव मंदिर और तपसी बाबा मोड़ के पास निर्माणाधीन बीपीएल आवास मे डेरा डाल रखा है। वही के प्रमोद पांडे ने कहा कि उपद्रवियों ने जमकर पत्थर व गोली चलाई और दर्जनों घरों को लूट लिया। आमबगान कि लक्ष्मी देवी (65)अपने घर से थोड़ी दूरी पर शिव-दुर्गा मंदिर में रह रही है। कहना हैं कि उपद्रवियों ने हमारी घरों को लूट लिया। घर जाने जाने पर डर हैं, आशारानी दास ने कहा घर अब बचा कहा उसे तो आग लगा दिया गया।
रिना और बबिता पूरे परिवार के साथ शरण लिए हुए हैं। तपसी बाबा स्थित निर्माणाधीन मकान में रहने वाले दिलीप, सरवन पंडित, सुशिला देवी संगिता देवी कहतीं है कि यही ठीक है, घर जाने से डर लगता है। हमारे घरों को उनलोगों ने लूट लिया, जला दिया।
आमबगान मंदिर में शरण लिए हुए लोगों के लिये एनएस रोड काली मंदिर कमेटी की ओर से खाना भेजने वालो मे सोनू चौहान, सोनू साव, मनीष शर्मा, पवन बरनवाल आदि मदद कर रहें है। ईन लोगो ने बताया कि लोगों मदद पहुंचाने में भी विपक्षी गुट के लोगों ने रोका तो दूसरे रास्ता से जाना पड़ा।
आमबगान जहां घरों को लूटा एवं आग लगा दिया गया। जो बच गए उनमें अब अराजक तत्व घरो कि लाईट काट कर लूट की घटना को अंजाम दे रहें है।
भाजपा जिलाध्यक्ष लखन घोरूई ने केंद्रीय कमेटी को आसनसोल व रानीगंज हिंसा पर रिपोर्ट सौंपी है।
धारा 144 और हिंसा भड़कने की संभावना जताकर हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन ने कांग्रेस व माकपा की टीम को नहीं घुसने दिया था। कोलकाता से आई भाजपा की केंद्रीय
टीम के सदस्यों को बख्तारनगर व नींघा के पास प्रशासन ने धारा 144 का हवाला देते हुए रोकना चाहा तर्क वितर्क के बाद जिला प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि आप काफिले के साथ न जाएं केवल चार सदस्य ही जाएं।
तो क्या भाजपा केंद्रीय टीम पर क्या धारा 144 तोड़ने की कार्रवाई होगी?
यह सवाल आसनसोल में खासतौर से चर्चा में रहा। आसनसोल के एसडीओ प्रलय रायचौधरी ने बताया कि उप दंडाधिकारी सायंतन बसु ने कालीपहाड़ी मे टीम के सदस्यों को धारा 144 लागू होने की जानकारी दी थी। उप दंडाधिकारी की रिपोर्ट का इंतजार के बाद अगली कार्रवाई होगी। पुलिस आयुक्त एलएन मीणा ने कहा कि पुलिस कानून के अपना काम करेगी।
ज्ञात हो कि सामुदायिक हिंसा का दौरा करने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव ओम माथुर, शहनवाज हुसैन, डीपी राम एवं रूपा गांगुली समेत चार लोग हिंसा प्रभावितों का दर्द सुनने पहुंचे।
आसनसोल रेलपार के रामकिशुन डंगाल में केंद्रीय टीम के तीन सदस्य चले गए। जबकि सांसद रूपा गांगुली रामकिशुन डंगाल के पश्चिम पाड़ा होते हुए सबसे अधिक प्रभावित आमबगान ओर बढ़ती गई, जहाँ लोगो ने आपबीती सूनाई।
आमबगान में घर जलने के बाद बेघर हुई संगीता कुमारी ने कहा बमबाजी के बाद बूढ़े माता-पिता के साथ घर छोड़कर चले जाने के बाद में उपद्रवीयो ने घर जला दिया। ईसके अलावा आम बगान की बबीता देवी, अनिल यादव ने भी घर जलाने की शिकायत की।
आसनसोल के रामकिशुन डंगाल, पश्चिम पाड़ा व आमबगान के लोगों से बातचीत कर उन्हें आश्वासन देने के बाद रूपा कोलकाता को निकल गई। रूपा ने कहा कि मैं यहां की पूरी स्थिति कि रिपोर्ट प्रधानमंत्री जी एवं अमित भाई (राष्ट्रीय अध्यक्ष) को दूंगी। ताकि लोगों की मदद की जा सकें। उन्होंने कहा कि उपद्रवी पिड़ितो की जमीन हड़पना चाहते है। यहां का हालात नियंत्रण करने एवं मदद करने में पुलिस असफल है कहा कि केंद्र सरकार, केंद्रीय बल भेजने को तैयार है लेकिन,बंगाल सरकार लेना नहीं चाहती। केंद्र सरकार से जो मदद भेजी जाएगी वह ममता बनर्जी के माध्यम से ही आएगी। ऐसे में लोगों को कितना लाभ मिलेगा आपको पता है?
ओम माथुर ने कहा कि यहां तो आपातकाल जैसे हालात हैं।ना तो उनको वापस घर भेजा जा सका और ना उनके रहने और खाने का इंतजाम नहीं किया गया साजिश के तहत हिंसा फैलाई गई। सबसे पहले यहां शांति बहाली करवाए फिर पूरे मामले की राज्य सरकार जांच करवाकर दोषियों पर कार्रवाई करे। और राज्य सरकार ने पीडि़तों की कोई मदद नहीं की। वे केंद्रीय नेतृत्व को यहां की स्थिति की रिपोर्ट देंगे।
शाहनवाज हुसैन ने कहा कि हम लोग यहां माहौल खराब करने नही बल्कि लोगों का दर्द समझने और मरहम लगाने आए हैं। दुखी परिवारों का हौसला बढ़ाने आए हैं। उन्होंने कहा मामले कि निश्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्यवाही होनी चाहिए। प्रशासन के अपनी जिम्मेदारी पूरी नही करने कि वजह से हिंसा प्रभावित इलाकों में पहुंची केंद्रीय टीम।
केंद्रीय टीम के सदस्यों ने बाईपास न्यू कॉलोनी में शरणार्थी शिविर का जायजा लिया।
प्रशासन ने मोर्चा संभाल सुरक्षा का भरोसा देकर लोगों को उनके घर रवाना कर रही है।नगरनिगम ने क्षतिपूर्ति का आश्वासन दिया है। ह शरणार्थी शिविर में रहनेवाली पिंकीरानी देवी ने कहा हमारा घर तो तबाह हो गया। कहां रहेंगे। और रहने की व्यवस्था कि प्रशासन से मांग कि।
उर्मिला देवी ने कहा सारे लोग मदद के नाम पर
केवल राजनीति कर रहे हैं। गोसाई डंगाल निवासी सखि देवी और इंदू देवी आशा ने कहा कि हम कहां जाएं।
पुलिस आयुक्त लक्ष्मी नारायण मीणा ने कहा कि पुलिस मुसतैदी से अपनी सुरक्षा मे पलायन लोगों का घर वापसी एवं सुरक्षा का पूरा ध्यान रख रही है। हालांकि कुछ प्रभावित परिवारों को गुमराह कर उनकी घर वापसी में बाधा दी जा रही है।
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष असंगठित सेल पवन कुमार सिंह ने लोगों को आश्वासन दिया और कहा कि प्रभावित लोगों की दुकान और घरों की सूची बनाकर महामहिम राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी को सौंप कर और पुनर्वासन की व्यवस्था और मुआवजा कि मांग करेंगे।
सामाजिक संस्था ने रेलपार का दौरा और शांति एवं भाईचारा बनाए रखने का अपील की।
रानीगंज के पंजाबी मोड़ स्थित रामबागान के ज्योति सिंह की अगुवाई मे लोगों द्वारा सांप्रदायिक एकता की मिसाल दिखी । यहां के लोग मिलकर एक-दूसरे की दुकानों की हिफाजत करते दिखे । 26 मार्च2018 को रानीगंज सांप्रदायिक हिंसा फैला था। तब रामबागान में दो संप्रदाय के लोगों ने मिलकर निर्णय लिया कि वे एक-दूसरे की रक्षा करेंगे।
प्रतिदिन दुकानों की पहरेदारी की गई। यहाँ हिंदुओं कि 100 तथा मुस्लिमों की 40 दुकानें दोनों संप्रदाय के लोग मिलकर पहरेदारी कर रहे है।
पश्चिम बंगाल में रामनवमी के मुद्दे पर बीजेपी और टीएमसी एक दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। बीजेपी ने आरोप लगाया था कि ममता बनर्जी सरकार हिंदू समाज के रिवाजों पर हमला कर रही है। लेकिन ममता बनर्जी ने जवाब मे कहा कि क्या राम ने कहा क्या हथियारों के साथ ही रैली निकालना है। कुछ गुंडे राम के नाम पर माहौल को खराब कर रहे हैं। ममता बनर्जी ने बीजेपी और आरएसएस पर साधा निशाना सिधे तौर पर पुछा कि क्या आप ने राम को बंदूक के साथ देखा ? पहले पुरुलिया और बर्धमान में हिंसा के बाद उन्होंने कहा कि गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं चलेगी। पश्चिम बंगाल मे रामनवमी के दिन नए संगठन द्वारा रैली निकालने पर रोक लगाई थी।
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